Monday, June 6, 2011

रामलीला मैदान में शनिवार मध्य रात्रि हुआ पुलिसिया तांडव


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भयावह था पुलिस का चेहरा
Jun 05, 10:47 pm

प्रदीप कुमार सिंह, नई दिल्ली

रामलीला मैदान में शनिवार मध्य रात्रि हुआ पुलिसिया तांडव बाबा भक्तों के लिए भयावह था। हर तरफ चीख-पुकार के बीच पुलिस अनशनकारियों पर लाठियां बरसाने में जुटी थी। इस बीच आंसू गैस के गोले भी दागे गए। खुशकिस्मती थी कि पंडाल में आग नहीं लगी, वरना यह रात देश के लिए काली रात बन जाती। सत्याग्रह को कुचलने के लिए पुलिस ने जो बर्बर तरीका अपनाया, उसे अब आला अफसर उचित ठहराने में जुटे हुए हैं। इस संबंध में कमला मार्केट थाने में दंगा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिसिया कार्रवाई में कई सौ कार्यकर्ता घायल हुए। इनमें से कई की हालत गंभीर है।

भजन-कीर्तन के बाद सत्याग्रही जब नींद में थे, रात एक बजे पुलिसिया कार्रवाई शुरू हुई। कई हजार पुलिस व रैपिड एक्शन के जवानों ने पंडाल नाकेबंदी कर दी। रामलीला मैदान के आसपास सभी मार्गो को सील कर दिया गया। खुद पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने पंडाल के अंदर और बाहर से चारों तरफ घूमकर नाकेबंदी का जायजा लिया। मैदान का केवल एक गेट खुला रखा गया। पुख्ता इंतजाम के बाद कई आला अफसरों की मौजूदगी में पुलिस व रैपिड एक्शन के जवान पंडाल में घुस गए और सत्याग्रहियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने बाबा रामदेव को साथ ले जाने का प्रयास किया तो उनके समर्थक बचाव में आगे आ गए। अफरातफरी के बीच बाबा मंच से नीचे कूद पड़े। कुछ भक्तों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। एक तरफ बाबा भक्तों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे, दूसरी तरफ पुलिस भक्तों पर लाठियां भांज रही थी। मंच को निशाना बना कर आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। पंडाल में हर तरफ धुआं ही धुआं फैल गया। लोगों की आंखों में जलन शुरू हो गई। पंडाल में भी आग की लपटें उठने लगीं। गनीमत थी कि शिविर में अग्नि से बचाव के इंतजाम थे। एक भक्त ने अग्निशमन उपकरण से आग पर काबू पाया। धुएं का फायदा उठा बाबा रामदेव पुलिस की आंखों से ओझल हो गए।

इसके बाद पुलिसकर्मियों ने किसी को नहीं बख्शा। बुजुर्ग, बच्चों व महिलाओं तक पर लाठियां भांजी गई। महिलाओं को पकड़कर खींचा और बुजुर्गो के हाथ-पांव पकड़कर घसीटा गया। कई महिलाओं के कपड़े तक फट गए। सत्याग्रही गिड़गिड़ा रहे थे, आधी रात को कहां जाएंगे। हरियाणा, आंध्रप्रदेश, झारखंड से कई महिलाएं अकेली ही आई थीं। उन्होंने हाथ जोड़कर पुलिसकर्मियों से सुबह तक वहां ठहरने देने की अनुमति मांगी, मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। करीब दो घंटे तक पुलिसिया तांडव चलता रहा। इस दौरान पुलिस ने पंडाल की लाइट तक काट दी। पुलिस ने पंडाल में बने तीन आपातकालीन गेट नहीं खोले। हमदर्द चौराहे की तरफ वाले केवल एक गेट को ही खुला रहने दिया गया। उस समय पंडाल में 60 हजार लोग मौजूद थे। भगदड़ मची तो सभी एक-दूसरे को धक्का देते, गिरते-पड़ते भागने लगे। जो गिर गया, कुचला गया। पुलिस के डंडे व कुचले जाने से सैकड़ों लोग बेहोश हो गए। जब भीड़ कम हुई तब पुलिस ने कुछ लोगों को वहां से उठाकर पास के अस्पताल में पहुंचाया। पंडाल में हर तरफ लोगों की चप्पल, जूते व सामान बिखरा पड़ा था। सभी को बाहर खदेड़ने के बाद पुलिस ने मैदान सील कर दिया। पंडाल से हिरासत में लिए गए लोगों को बसों में बिठाकर दिल्ली की सीमा पर ले जाकर छोड़ दिया गया। 71 घायलों को लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार लोगों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।

विशेष पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) धर्मेद्र कुमार के अनुसार 'बाबा रामदेव की जान को खतरा था और बड़ी तादाद में उनके समर्थकों के रविवार को दिल्ली पहुंचने की सूचना थी। इसलिए उनके योग शिविर की अनुमति रद्द की गई।' शिविर की अनुमति रद्द होने और समर्थकों को वहां से जाने के लिए बोल दिया गया था। मध्य रात्रि 11 बजे ही इस संबंध में बाबा को अवगत करा दिया गया था।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजन भगत ने कहा, पुलिस जब बाबा को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी तो उनके समर्थकों ने हाथापाई व धक्का-मुक्की की। ईट व कुर्सियां भी फेंकी गई। नतीजतन, 62 लोगों को चोटें आई। इनमें 23 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के आठ गोले दागे।

ऐसे गिरफ्तार हुए बाबा

पुलिस मान रही थी कि कार्रवाई के बाद बाबा रामदेव बचकर निकल गए, लेकिन वह पंडाल के पीछे स्थित दो दीवारों के बीच खाली जगह में दो घंटे तक छिपे रहे। तड़के करीब सवा चार बजे पंडाल के पीछे की तरफ से कुछ महिलाओं के साथ बाबा निकले तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान बाबा रामदेव से धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस बाबा रामदेव को सीधे सफदरजंग एयरपोर्ट पर ले गई। सुबह तक यहां रखने के बाद विशेष विमान से उन्हें देहरादून के लिए रवाना कर दिया गया।

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