Thursday, September 3, 2009

Manthan Aryan"s Life .like that.......


http://anaryan.hi5.com

about me:

I m Aryan , live in aryawrat , i m very cool person like ice becoz in ice is white n white is ..........
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I'm too Cool…..Friendly……..Simple…..Cute…….Innocent Guy……. with lot of lovely dreams...Love to smile every time……& very emotional kind of person...!!!


I just believe that Life s very Short……..
Days pass thru like slipping sand so enjoy every moment of life so that after a long time when u c back u can c "No Regret".

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Wo Yaaron Ki Mehfil............!!!
Wo Muskurate Pal...............!!!
Dil Se Juda Hai Apna Bita Hua Kal........!!!
Kabhi Jindgi Guzarti Thi Waqt Bitane Main........!!!
Aaj Waqt Guzar Jata Hai Chand Kagaj K Note Kamane Main.........!!!


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Ek din zindagi aise mukam pe pahuch jayegi…
Dosti to sirf yaadon mein reh jayegi…
Har glass daru, yaad doston ki dilayegi…
Aur haste haste fir aankhein nam ho jayegi…
Office ke chamber me classroom nazar ayegi…
Par chahne pe bhi proxy nahi lag payegi…
Paisa to bahut hoga…
Magar unhe lutane ki wajah hi kho jayegi…
Jee le khulke is pal ko mere dost…
Kyuki zindgi ye palo ko fir se nahi dohrayegi…

Enjoy Life…….It’s True………..


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Shakespeare says:

The ultimate measure of love is not when both the people like each-other.....
Its when one ignores & the other continues loving till the end...!!!!!!

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Never stop loving the one who loves u alot....!!!
Die for the one who trusts lot...!!!

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Today I’ll delete from my dairy two days…..
-------------Yesterday & Tomorrow-------------
Yesterday was to learn & Tomorrow will be the Consequence of what I can do Today….
I’ll face Life with the conviction that this day will never ever Return…..
Today is the last opportunity I have to live intensely….
As no one can assure me that I’ll see Tomorrow sunrise…..
Today I’ll invest my most valuable resource my Time…..
In the most transcendental work-my Life….
Today I’ll take the time to be Happy…

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दो कदम चलता और एक पल को रूकता मगर,इस एक पल में जिन्दगी मुझसे 4 कदम आगे chali जाती,मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रूकता मगर,जिन्दगी मुझसे फिर ४ कदम आगे chali जाती,जिन्दगी को jeet ta देख मैं muskurata और जिन्दगी मेरी mushkurahat पर hainran होती,ये silsila yuhi चलता रहा ,फिर एक दिन मुझको hasta देख एक sitare ने पुछा "तुम harkar भी muskurate हो ,क्या तुम्हे दुःख नहीं होता haar का?"तब मैंने कहा ,मुझे पता है एक ऐसी sarhad aayegi jaha से जिन्दगी ४ तो क्या एक कदम भी आगे नहीं जा payegi और तब जिन्दगी मेरा intzaar karegi और मैं तब भी अपनी raftar से yuhi चलता रुकता wahan pahunchunga .........एक पल ruk कर जिन्दगी की taraf देख कर muskuraoonga,beete safar को एक नज़र देख अपने कदम फिर badhaoonga ,ठीक usi पल मैं जिन्दगी से jeet jaunga,मैं अपनी haar पर muskuraya था और अपनी jeet पर भी muskuraunga और जिन्दगी अपनी jeet पर भी न मुस्कुरा पाई थी और अपनी haar पर भी न मुस्कुरा पायेगी ,बस तभी मैं जिन्दगी को जीना सिखाऊँगा
This is the truth for Manthan Aryan"s Life .like that.......

WHO AM I?


http://anaryan.hi5.com

I DONT KNOW ABT ME , WHO AM I ?
I AM SEARCHING ABT MYSELF.............
TILL NOW.................



WHO AM I?
this is the biggest quest for me too...
am i just a normal .. human
who use to live for eating and workin....?????
NO ... I M NT THAT ...BUT Then WHo AM I???

LEt ME XPLore MY self ...WHO AM I????????


I AM Challenge ..which cant be challenged ........
I AM a Catalst Of LOvE n EMotions
I m HUman WId Ucommon Spirits
BEcoz i M Nt normal ..
I m ABnormal ... ;)
I define LIfe ..with Diffence......
I m Fire BUrning ...To Light Up the Dark............
I m SAvaGE...becoz.... we cant leave Our ..born Identies...
I AM WArior ..who Fights for Truth ...



BUt do I justify ... whatever ..I wrote .......
I DO ............
BEcoZ.......
" I AM DEFiNaTION Of VersTality .."

In this WORLd .. i HAv my Identity ...
as

Manthan Aryan...............

.........
आसमा से उपर....
एक उड़ान की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ हो हर क़दम सितारो पर....
उस ज़मीन की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ पहचान हो लहू की हर एक बूँद की....
उस नाम की ख़्वाहिश है..!!
जहाँ खुदा भी आके मुझसे पूछे.....
"बता, क्या लिखू तेरे मुक्क़दर मे....?"
उस मुकाम की ख़्वाहिश है..!!
उस मुकाम की ख़्वाहिश है..!!
.........
रहो जमीं पे मगर आसमां का ख्वाब रखो
तुम अपनी सोच को हर वक्त लाजवाब रखो
खड़े न हो सको इतना न सर झुकाओ कभी
तुम अपने हाथ में किरदार की किताब रखो
उभर रहा जो सूरज तो धूप निकलेगी
उजालों में रहो मत धुंध का हिसाब रखो
मिले तो ऐसे कि कोई न भूल पाये तुम्हें
महक वंफा की रखो और बेहिसाब रखो
अक्लमंदों में रहो तो अक्लमंदों की तरह
और नादानों में रहना हो रहो नादान से
वो जो कल था और अपना भी नहीं था दोस्तों
आज को लेकिन सजा लो एक नयी पहचान से



जीवन का सफर होता मुकम्मल उनका ही मानो
जो तीखे दर्द में चेहरे पे इक मुस्कान रखते हैं

on good liner i have read as follow:

Life may not be the party as we hoped for but, while we are here, we should DANCE......

A simple man believes in a life which have full of excitement who cares about his frnds and commited about his words and more..
interesting in me is my ZEST to be true to all whome i know and sure be a frend in need.

AND FEW LINES WHICH I FEEL KEEP ME GOIN ON.....

BULATA HAI MUJE YE AASMA KHATA HAI KOSIS KAR MUJE CHUNE KI
PAR DIL KA JAJBA ITNA BULAND HAI KI KAHATA HAI AASMA SE
KOSIS KAR KUCH OR UUCHA HONE KI

EK AHSAAS :

"मातृभूमि, मातृसंस्कृति और मातृभाषा। यह तीन देवियां हैं, इनका सम्मान करना चाहिए। इनही से ही संसार में सम्मान मिलता है।"


Few gud lines......explore it.....


"When you are inspired by some great purpose,some extraordinary project,all your thoughts break their bonds:your mind transcends limitations,your consciousness expands in every direction and you find yourself in a new, great and wonderful world..."


few good lines i read from MADHUSHALA...


नहीं चाहता, आगे बढ़कर छीनूँ औरों की हाला,
नहीं चाहता, धक्के देकर, छीनूँ औरों का प्याला,
साकी, मेरी ओर न देखो मुझको तिनक मलाल नहीं,
इतना ही क्या कम आँखों से देख रहा हूँ मधुशाला।।

जो आके रुके दामन पे 'सबा'
वो अश्क़ नहीं हैं पानी है
जो आँसू न छलके आँखों से
उस अश्क़ की क़ीमत होती है

Monday, May 18, 2009

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है

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कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
मै तुझसे दूर कैसा हू तू मुझसे दूर कैसी है
ये मेरा दिल समझता है या तेरा दिल समझता है
मोहबत्त एक अहसासों की पावन सी कहानी है
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसूं है
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है
मै जब भी तेज़ चलता हू नज़ारे छूट जाते है
कोई जब रूप गढ़ता हू तो सांचे टूट जाते है
मै रोता हू तो आकर लोग कन्धा थपथपाते है
मै हँसता हू तो अक्सर लोग मुझसे रूठ जाते है
समंदर पीर का अन्दर लेकिन रो नहीं सकता
ये आसूं प्यार का मोती इसको खो नहीं सकता
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता
भ्रमर कोई कुम्दनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोह्बत्त का
मै किस्से को हक्कीकत में बदल बैठा तो हंगामा

Saturday, May 16, 2009

विप्लव का फिर हो शंखनाद, अगणित योद्धा ललकार उठें।

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अगर हमारे देश के वीर सिपाही हमारे LOC की रक्षा करना छोड़ दे तो सोचिये की हम कितने देर अपने घरों मैं सुरक्षित रह सकते हैं? उनका काम अगर देश की सीमाओं पर दुश्मन से लड़ना है तो हमारा (हम युवाओं ) का भी कुंछ फ़र्ज़ बनता है.
वो अगर देश की बाहरी दुश्मनों से लड़ रहे हैं उन्हें मार रहे हैं तो हमें अपने देश के अन्दर के दुश्मनों को ख़तम करना होगा , मारना होगा हर उस गद्दार को जो देश से गद्दारी करता है , जो देश मैं भ्रष्टाचार बढा रहा है , जिसके इशारे पर आज अपराध फल फूल रहा है , जो अपनी कुर्सी के खातिर कही भी किसी को भी मरवा देता है , अपनी कुर्सी के खातिर अपराधियों का साथ देता है

शहीदों की मज़ारों पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा...


जब नमन शहीदों को करता,तब रक्त हिलोरें लेता है।
भारत मां की पीड़ा का स्वर,फिर आज चुनौती देता है।
अब निर्णय बहुत लाजमी है, मत शब्दों में धिक्कारो।
सारे भ्रष्टों को चुन-चुन कर, चौराहों पर गोली मारो।
हो अपने हाथों परिवर्तन,तन में शोणित का ज्वार उठे।
विप्लव का फिर हो शंखनाद, अगणित योद्धा ललकार उठें।







उदारता,सहिष्णुता ये सदगुण है,परन्तु जब राष्ट्र के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड हो रहा हो तो वही उदारता,सहिष्णुता कायरता बन जाती है!परन्तु आम हिन्दु कैसा सोचता है?उन्हे वन्देमातरम कहना अच्छा नही लगता न?आग्रह छोड दो.वे बाबर और औरन्गज़ेब को महापुरुष मानते है न? मानने दो.उन्हे मस्जिदो के सामने बाजा बजाना पसन्द नहि है ना? मत बजाओ.उन्हे सम्प्रदाय के आधार पर विशेष सुविधाए और आरक्षण चाहिए ना? दे दो.उन्हे गौहत्या करनी है ना? करने दो! हिन्दुओ कि यही मानसिकता गलत है.इसि मानसिकता के कारण अलगाववाद को बढावा मिलकर देश का विभाजन हुआ.अगर ये बिखरी हुइ हिन्दु शक्तिया सन्गठित नहि हुइ तो आने वाला कल??
कल मौत आने को ही है तेरे भी द्वार।
क्या होगा बहाने से यूँ आँसुओं की धार
फैल रहा है जहाँ में ये जो पापाचार।
इसका है प्यारे सिर्फ एक उपचार॥
भाइयों से बड़ा भाई बन मेरे यार।
चाकुओं के आगे तू निकाल तलवार॥
बंदुकों के आगे प्यारे बम फोड़ दे।
जिन्दगी जो चाहे कायरता छोड़ दे॥
औरों के लिया न बोलेगा वो मारा जायेगा।
कल घाट मौत के वो भी उतारा जायेगा॥
गर हम गैरों के सहारे नहीं बने तो
कौन बनने को हमारा सहारा आयेगा
NOW ITS TIME TO MAKE UNIT

Sunday, May 10, 2009

कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती

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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,

चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,

जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,

बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,

क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,

संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.

कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती

WHo AM I???

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WHO AM I?
this is the biggest quest for me too...
am i just a normal .. human
who use to live for eating and workin....?????
NO ... I M NT THAT ...BUT Then WHo AM I???

LEt ME XPLore MY self ...WHO AM I????????


I AM Challenge ..which cant be challenged ........
I AM a Catalst Of LOvE n EMotions
I m HUman WId Ucommon Spirits
BEcoz i M Nt normal ..
I m ABnormal ... ;)
I define LIfe ..with Diffence......
I m Fire BUrning ...To Light Up the Dark............
I m SAvaGE...becoz.... we cant leave Our ..born Identies...
I AM WArior ..who Fights for Truth ...



BUt do I justify ... whatever ..I wrote .......
I DO ............
BEcoZ.......
" I AM DEFiNaTION Of VersTality .."

In this WORLd .. i HAv my Identity ...
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ग़र ये खेल ही दोबारा होगा

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किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा
कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा
काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा
किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा
देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा
और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा
कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा
अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा
ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा